Sunday, January 25, 2026
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भारतीयम द्वारा आयोजित “रागास फ़ॉर यमुना – संस्करण 4”

संगीत का उत्सव और पर्यावरणीय ज़िम्मेदारी के प्रति प्रतिबद्धता
पर्यावरण और समाज पर सकारात्मक प्रभाव डालने के लिए प्रतिबद्ध समान विचारधारा वाले व्यक्तियों द्वारा संचालित एनजीओ- भारतीयम द्वारा 17 जनवरी 2026 को गार्डन एम्फीथिएटर, सुंदर नर्सरी, निज़ामुद्दीन, नई दिल्ली में शाम 3 बजे से रात 8:30 बजे तक “रागास फॉर यमुना – संस्करण 4” का आयोजन किया गया । इस कार्यक्रम में भारतीय शास्त्रीय संगीत के शाश्वत आकर्षण को पर्यावरण संरक्षण के महत्वपूर्ण मिशन के साथ जोड़ा गया, जिससे यह सभी के लिए एक अविस्मरणीय शाम बन गई। इस आयोजन में प्रसिद्ध लक्ज़री घड़ी कंपनी एथोस लिमिटेड तथा प्रतिष्ठित परिधान ब्रांड एंडामेन का सहयोग शामिल था ।

भारतीयम के बारे में
“भारतीयम”, सोसाइटीज़ रजिस्ट्रेशन एक्ट, 1860 के अंतर्गत पंजीकृत एक राष्ट्रीय स्तर की संस्था है, जिसकी स्थापना एवं सह-स्थापना वर्ष 2007 में श्री के.जे. राव (पूर्व सचिव, निर्वाचन आयोग), श्री अनिल गुप्ता (पूर्व जीएसटी अधिकारी) तथा श्री श्रीनिवास कोटनी (अधिवक्ता, लेक्सपोर्ट) द्वारा की गई थी। श्री श्रीनिवास कोटनी वर्तमान में इसके महासचिव भी हैं। साथ ही, डॉ. सुरेश सिंहवी (गंगाराम अस्पताल)भारतीयम के अध्यक्ष और श्री अनिल गुप्ता सह-अध्यक्ष के रूप में कर रहे हैं। भारतीयम देश भर में पर्यावरणीय, सामाजिक और सांस्कृतिक पहलों में सक्रिय रूप से संलग्न है। इसके सदस्यों में सेवारत एवं सेवानिवृत्त ब्यूरोक्रेट्स डॉक्टर, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट, कलाकार, शिक्षाविद्, उद्यमी और समाजसेवी शामिल हैं। संस्था की प्रमुख पहलें सतत विकास और सामुदायिक कल्याण पर केंद्रित हैं, जिनमें शहरी वन, विद्यालय-आधारित हरित परियोजनाएँ, जल निकायों का पुनर्जीवन, यमुना-केंद्रित सांस्कृतिक एवं पर्यावरणीय कार्यक्रम तथा कोविड से प्रभावित बच्चों के लिए सहयोग शामिल है। “रागास फ़ॉर यमुना” एक वार्षिक सांस्कृतिक और पर्यावरणीय पहल है, जो स्वच्छ यमुना के उद्देश्य को भारत की शास्त्रीय संगीत परंपराओं के संरक्षण के साथ जोड़ती है। भारतीयम के कार्यों को राष्ट्रीय मीडिया में व्यापक सराहना मिली है तथा इसे अनेक प्रतिष्ठित पुरस्कारों से भी सम्मानित किया गया है।

एथोस लिमिटेड के बारे में
एथोस लिमिटेड भारत का अग्रणी लक्ज़री एवं प्रीमियम घड़ियों का रिटेलर है, जो विश्व के कुछ सबसे प्रतिष्ठित घड़ी ब्रांड्स के चयनित पोर्टफोलियो के लिए प्रसिद्ध है। प्रामाणिकता, विशेषज्ञता और उत्कृष्ट ग्राहक अनुभव पर विशेष ध्यान के साथ स्थापित, एथोस देश के प्रमुख भारतीय शहरों में फैले अपने व्यापक बुटीक नेटवर्क के माध्यम से रिटेल बिक्री के साथ-साथ प्रमाणित सर्विस सुविधाएँ भी प्रदान करता है। कंपनी अपनी गहन होरोलॉजिकल (घड़ी-निर्माण) विशेषज्ञता, प्रशिक्षित वॉच कंसल्टेंट्स और मजबूत आफ्टर-सेल्स सपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए जानी जाती है।

एथोस लिमिटेड पर्यावरणीय और सांस्कृतिक क्षेत्रों में प्रभावशाली कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) पहलों का नेतृत्व कर रही है। एथोस और उसकी समूह कंपनियों द्वारा संचालित मिलियन-ट्री प्रोजेक्ट पर्यावरण संरक्षण के लिए समर्पित एक अनुकरणीय सामाजिक पहल है। एथोस लिमिटेड को श्री यशो साबू और श्री प्रणव साबू द्वारा प्रवर्तित किया गया था और यह KDDL समूह का हिस्सा है।

कार्यक्रम में उपस्थित विशिष्ट अतिथि
यह कार्यक्रम कई प्रतिष्ठित गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति से सुशोभित हुआ, जो वर्ष दर वर्ष इस नेक उद्देश्य के प्रति अपना समर्थन देते आ रहे हैं।

कार्यक्रम का उद्देश्य
दिल्ली की जीवनरेखा मानी जाने वाली यमुना नदी आज भी गंभीर पारिस्थितिक क्षरण से जूझ रही है। भारतीयम इस पवित्र नदी के संरक्षण की अत्यावश्यक आवश्यकता को समझते हुए, विशिष्ट सांस्कृतिक पहलों के माध्यम से जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। कला, संस्कृति और पर्यावरणीय सरोकारों के अपने विशिष्ट संगम के साथ “रागास फ़ॉर यमुना” पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार आचरण को प्रेरित करने के भारतीयम के मिशन का सशक्त उदाहरण है।

दिसंबर की सर्द शाम में सुंदर नर्सरी का शांत वातावरण इस कार्यक्रम के लिए एक आदर्श पृष्ठभूमि साबित हुआ। भारतीयम के सदस्यों और एथोस लिमिटेड के प्रतिनिधियों के प्रयासों से साकार इस कार्यक्रम की सफलता सुनिश्चित करने के लिए दिन-रात अथक परिश्रम किया गया जिसकी वजह से कार्यक्रम बेहद आकर्षक और सुचारु रूप से संचालित किया गया।

मंत्रमुग्ध कर देने वाली प्रस्तुतियाँ
इस कार्यक्रम में इन कलाकारों द्वारा मनमोहक प्रस्तुतियाँ दी गईं:
पद्म भूषण पंडित साजन मिश्रा, भारत के सर्वाधिक प्रतिष्ठित हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायकों में से एक और महान बनारस घराने के प्रमुख स्तंभ द्वारा अपने सुपुत्र स्वरांश मिश्रा के साथ प्रस्तुति दी गई, जो स्वयं भी एक प्रतिष्ठित शास्त्रीय गायक हैं।
पंडित साजन मिश्रा जी पद्म भूषण से सम्मानित हैं और खयाल परंपरा के प्रमुख संवाहक माने जाते हैं। अपने दिवंगत भाई पंडित राजन मिश्रा के साथ पाँच दशकों से अधिक समय तक मंच साझा करते हुए उन्होंने विश्वभर के श्रोताओं को अपनी भाव-गहन गायकी, राग की शुद्धता तथा तान और लयकारी पर अद्भुत अधिकार से मंत्रमुग्ध किया है।
उन्हें संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार, तानसेन सम्मान, गंधर्व पुरस्कार सहित अनेक सम्मानों से नवाज़ा गया है। वे न केवल एक महान संगीताचार्य के रूप में, बल्कि भारत की शास्त्रीय संगीत विरासत के संरक्षक के रूप में भी अत्यंत सम्मानित हैं। पंडित साजन मिश्रा की उपस्थिति किसी भी मंच को असाधारण कलात्मक और सांस्कृतिक गरिमा प्रदान करती है, जिससे वे भारत की संगीत और आध्यात्मिक परंपराओं को प्रोत्साहित करने वाले आयोजनों के लिए एक अद्वितीय प्रतीक बन जाते हैं।

उस्ताद शुजात हुसैन ख़ान, विश्व के अग्रणी सितार वादकों में से एक तथा प्रतिष्ठित इमदादख़ानी–इटावा घराने के प्रत्यक्ष संवाहक हैं। वे अपनी अत्यंत भावपूर्ण गायकी-अंग शैली के लिए प्रसिद्ध हैं, जिसमें तकनीकी परिपूर्णता और हृदयस्पर्शी अभिव्यक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। सातवीं पीढ़ी के संगीतकार और महान उस्ताद विलायत ख़ान के सुपुत्र, उस्ताद शुजात ख़ान ने विश्व के सबसे प्रतिष्ठित मंचों पर अपनी कला का प्रदर्शन किया है, जिनमें कार्नेगी हॉल, केनेडी सेंटर, रॉयल अल्बर्ट हॉल तथा डोवर लेन कॉन्फ्रेंस शामिल हैं। ग्रैमी पुरस्कार के लिए नामांकित उनके संगीत कार्य और समृद्ध डिस्कोग्राफी ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय ख्याति दिलाई है, जिससे वे भारत के सर्वाधिक पहचाने जाने वाले शास्त्रीय संगीत दूतों में से एक बन गए हैं। हिंदुस्तानी संगीत के सार को सरलता, गरिमा और गहन भावनात्मकता के साथ प्रस्तुत करने की उनकी विशिष्ट क्षमता उन्हें अन्य कलाकारों से अलग करती है। उस्ताद शुजात ख़ान अपनी कला में परंपरा, नवाचार और संगीतात्मकता का अनूठा संगम प्रस्तुत करते हुए किसी भी सांस्कृतिक मंच को असाधारण गरिमा प्रदान करते हैं और श्रोताओं को एक समृद्ध एवं अविस्मरणीय अनुभव से भर देते हैं।

सिद्धार्थ बनर्जी, प्रशंसित शास्त्रीय संगीतकार और सिद्ध वीणा के दूरदर्शी आविष्कारक, समकालीन भारतीय शास्त्रीय संगीत के एक अग्रणी व्यक्तित्व के रूप में जाने जाते हैं। चौथी पीढ़ी के कलाकार होने के साथ-साथ उन्हें पारंपरिक हिंदुस्तानी संगीत रूपों में गहरी दीक्षा प्राप्त है। उन्होंने वीणा, सितार और सरोद की ध्वन्यात्मक समृद्धि को एकीकृत करते हुए राग अभिव्यक्ति की नई संभावनाएँ खोलने के उद्देश्य से सिद्ध वीणा का निर्माण किया। उनकी प्रस्तुतियाँ ध्यानमय आलाप, काव्यात्मक कल्पनाशीलता (इम्प्रोवाइज़ेशन) और उत्कृष्ट सुर-शुद्धता से परिपूर्ण होती हैं, जिसने उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर विशेष पहचान दिलाई है। शारदा म्यूज़िक फ़ाउंडेशन के कलात्मक निदेशक के रूप में तथा अनेक सहयोगात्मक परियोजनाओं के संस्थापक के तौर पर वे शास्त्रीय विरासत के संरक्षण के साथ-साथ नई पीढ़ी के श्रोताओं के लिए नवाचार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। सिद्धार्थ बनर्जी की उपस्थिति किसी भी मंच पर कलात्मक उत्कृष्टता और आधुनिक आकर्षण दोनों का समावेश करती है, जिससे वे सांस्कृतिक आयोजनों और मंचों के लिए एक असाधारण और प्रभावशाली योगदान सिद्ध होते हैं।

टीम भारतीयम और टीम एथोस
भारतीयम के सदस्यों और एथोस लिमिटेड के प्रतिनिधियों द्वारा “रागास फ़ॉर यमुना – संस्करण 4” को सफल बनाने के लिए अथक प्रयास और असाधारण योगदान दिया गया।
यह कार्यक्रम, जो अब अपने चौथे संस्करण में प्रवेश कर रहा है, उतनी ऊँचाइयों तक नहीं पहुँच पाता यदि भारतीयम के सदस्यों की समर्पण भावना, कठिन परिश्रम और अटूट प्रतिबद्धता नहीं होती। उन्होंने एथोस लिमिटेड के साथ मिलकर, आयोजन और कार्यान्वयन के विभिन्न पहलुओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई—चाहे वह फंड जुटाना हो, प्रायोजकों के साथ समन्वय करना हो, आयोजन स्थल के प्रतिनिधियों के साथ तालमेल बैठाना हो, या मीडिया और सोशल आउटरीच संभालना हो।
एथोस से श्री यशोवर्धन साबू, श्रीमती अनु साबू, सुश्री गायत्री और श्री नितेश तथा भारतीयम से श्री अनिल गुप्ता, श्री श्रीनिवास कोटनी, श्री आर.पी. मित्तल और श्री अचल मित्तल ने यह सुनिश्चित किया कि रचनात्मक डिज़ाइन से लेकर अतिथि सूची, मंच, भोजन, कलाकार सहायता और स्थल पर अन्य सभी व्यवस्थाएँ निर्बाध रूप से पूरी हों।
दूरदर्शन, ऑल इंडिया रेडियो, आर.जे. सुनीता और मीडिया टीमों ने कार्यक्रम की व्यापक दर्शकों तक पहुंच और इसे वह मान्यता दिलवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसका यह वास्तव में हकदार है।
भारतीयम और एथोस लिमिटेड के कई अन्य सदस्यों ने प्रत्येक चरण में मौजूद रहकर महत्वपूर्ण सुझाव दिए, सभी हितधारकों के साथ निर्बाध संवाद सुनिश्चित किया गया और टीम को प्रेरित एवं प्रोत्साहित किया गया ।
अब तक की यात्रा
सालों से, भारतीयम ने उन परोपकारी और दूरदर्शी व्यक्तियों के साथ घनिष्ठ सहयोग किया है जिन्होंने पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक उत्थान के उसके मिशन का समर्थन किया। “रागास फ़ॉर यमुना” के पिछले संस्करणों (जिसमें दूसरा संस्करण, “कोविड केयर कॉन्सर्ट” था) ने कोविड से प्रभावित अनाथ बच्चों, शहरी पुनर्वनीकरण और स्वच्छ यमुना अभियान जैसे कारणों के लिए जागरूकता और धन जुटाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
भविष्य के लिए हमारा विज़न
“रागास फ़ॉर यमुना – संस्करण 4” से प्राप्त निधियाँ निम्नलिखित पहलों का समर्थन करेंगी:
* यमुना नदी को प्रदूषित होने, विशेष रूप से सिंगल-यूज़ प्लास्टिक से, रोकने के लिए गार्ड तैनात करना ।
* वृक्षारोपण अभियान आयोजित करना और शहरी जंगलों का विस्तार करना।
* प्रोजेक्ट वत्सल्य के माध्यम से अनाथ बच्चों के लिए दीर्घकालिक देखभाल और सतत विकास के अवसर प्रदान करना।

भारतीयम सभी निधियों का उपयोग पूरी पारदर्शिता के साथ करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसका मार्गदर्शन एक समर्पित समिति करती है, जिसमें निःस्वार्थ और सफल व्यक्तित्व शामिल हैं।

भावी दृष्टिकोण
* इस कार्यक्रम की सफलता समुदाय की सक्रिय भागीदारी और संगीत एवं पर्यावरणीय संरक्षण के सामंजस्यपूर्ण संगम की शक्ति का प्रमाण बनेगी। भारतीयम सभी को यमुना की रक्षा और एक हरित भविष्य के निर्माण के अपने मिशन में जुड़ने का आमंत्रण देता है।

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